19 साल में हुई शादी, कैमरों से रहती हैं दूर, दान में दिए 1100000000 रुपये!

Hindi | 17 February, 2024 | 10:24 AM
સાંજ સમાચાર

सुष्मिता बागची ने अगर एक लेखिका के तौर पर पहचान बनाई है तो वह उतनी ही बड़ी परोपकारी भी हैं। पिछले साल उन्‍होंने कई करोड़ का दान दिया। वह माइंडट्री की सह-संस्थापक हैं। यह एक आईटी सेवा और परामर्श कंपनी है जो डिजिटल चेंज, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी सेवाएं प्रदान करती है। बागची 2019 में कंपनी से सेवानिवृत्त होने तक माइंडट्री की मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) रहीं।नई दिल्‍ली: शिव नाडर, अजीम प्रेमजी और मुकेश अंबानी भारत में जाने-माने नाम हैं।

उनकी गिनती देश के सबसे बड़े परोपकारियों में भी होती है। इनमें एक कपल है जो लगातार हुरुन इंडिया की परोपकारियों की लिस्‍ट में जगह बना रहा है। वह जोड़ा है सुष्मिता और सुब्रतो बागची। एडेलगिव हुरुन इंडिया फिलेंथ्रॉपिस्‍ट लिस्‍ट 2023 के अनुसार, सुष्मिता और सुब्रतो बागची भारत के सबसे बड़े दानियों में छठे स्थान पर थे। उन्‍होंने पिछले साल 1100000000 रुपये से ज्‍यादा का दान दिया। हालांकि यह राशि बड़ी है, लेकिन यह सुष्मिता बागची के पिछले साल अकेले किए गए 2130000000 रुपये के दान से कम है। अपने कॉन्ट्रिब्‍यूशन के बावजूद सुष्मिता बागची लोगों की नजरों से दूर रहना पसंद करती हैं।

कटक में जन्मीं सुष्मिता बागची प्रसिद्ध उड़‍िया लेखिका शकुंतला पांडा की बेटी हैं। अपनी मां के नक्शेकदम पर चलते हुए सुष्मिता बागची न केवल एक जानी-मानी उड़‍िया लेखिका बनीं, बल्कि वह मासिक महिला प्रकाशन सुचरिता की क्रिएटर भी हैं। राजनीति विज्ञान में पोस्‍ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में लेक्‍चरर के रूप में काम किया। सुष्मिता बागची अपने पति सुब्रतो बागची से तब मिलीं जब वह सिर्फ पंद्रह साल की थीं। इसके चार साल बाद दोनों की शादी हो गई।

सुष्मिता के लेखन कौशल को पहली बार उनकी मां की तरह ही पत्रिका में जगह मिली थी। उन्होंने अपनी मां के पदचिन्‍हों पर चलते हुए साहित्य जगत में प्रवेश किया। माइंडट्री की सह-संस्थापक और एक समाज सुधारक के रूप में अपनी भूमिका के साथ सुष्मिता बागची ने अपनी पहचान लेखिका के रूप में भी बनाई। उन्होंने एक यात्रा वृत्तांत, लघु कथाओं के अलग-अलग संग्रह और अंग्रेजी और उड़‍िया में पांच उपन्यास लिखे हैं।

2022 में सुष्मिता और सुब्रतो बागची ने माइंडट्री के अन्य सह-संस्थापकों और राधा और एन एस पार्थसारथी जैसे परोपकारियों के साथ मिलकर स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए कुल 213 करोड़ रुपये का योगदान दिया। 2023 में दंपति ने 110 करोड़ रुपये का दान दिया।

सुष्मिता बागची का दावा है कि मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करने वाला कोई भी व्यक्ति या परिवार उनके पहले अंग्रेजी उपन्यास के मुख्य पात्र, एक मनोचिकित्सक को भरोसेमंद और पहचानने योग्य पाएगा। उनके पाठक उनके लेखन की सराहना करते हैं। बागची को उनके काम के लिए कई पुरस्कार और सम्मान मिले हैं। उन्हें 2010 में अर्न्स्ट एंड यंग एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवार्ड और 2013 में फोर्ब्स एशिया की 50 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में भी शामिल किया गया था।

Related News
Sports News
Loading...
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest
Get In Touch

Rajkot - Head Office, Sanj Samachar Corporate House, 2nd Floor, Kasturba Road, Near Sharda Baug
Rajkot-360001

0281-2473911-12-13

[email protected]

Privacy-policy
Keep In Touch

Subscribe to Our Newsletter to get Important News & Offers

Download App from

Download android app - Sanj Download ios app - Sanj