Bihar: IRCTC घोटाला मामले में तेजस्वी को पेशी का आदेश, लालू को सिंगापुर जाने की मिली इजाजत

28 September 2022 01:28 PM
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राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव पिछले कुछ वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे हैं। लालू प्रसाद यादव डाइबिटीज, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, प्रोस्टेट का बढ़ना, यूरिक एसिड का बढ़ना, किडनी संबंधित बीमारियों का सामना कर रहे हैं।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने राजद प्रमुख लालू यादव को इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत दे दी है। उन्होंने अदालत से 10 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक इलाज के लिए सिंगापुर जाने की अनुमति मांगी थी। वह फिलहाल चारा घोटाले मामले में जमानत पर बाहर हैं। बता दें कि लालू पिछले कुछ वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे हैं। लालू प्रसाद यादव डाइबिटीज, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, प्रोस्टेट का बढ़ना, यूरिक एसिड का बढ़ना, किडनी संबंधित बीमारियों का सामना कर रहे हैं। सिंगापुर में उनकी बेटी रोहिणी आचार्या भी रहती हैं जो कि सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं।

आईआरसीटीसी घोटाला मामले में तेजस्वी को 18 अक्तूबर को होना होगा पेश
वहीं आईआरसीटीसी घोटाला(IRCTC Scam) मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने ही बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को राहत दे दी है। अदालत ने सीबीआई की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए तेजस्वी को और समय दे दिया है। बता दें कि इस याचिका में सीबीआई ने उनकी जमानत रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने तेजस्वी यादव को 18 अक्टूबर, 2022 को पेश होने के लिए भी कहा।

क्या है IRCTC होटल घोटाला
IRCTC घोटाला 2004 में लालू के रेल मंत्री रहने के दौरान हुआ। दरअसल, रेलवे बोर्ड ने उस वक्त रेलवे की कैटरिंग और रेलवे होटलों की सेवा को पूरी तरह IRCTC को सौंप दिया था। इस दौरान रांची और पुरी के बीएनआर होटल के रखरखाव, संचालन और विकास को लेकर जारी टेंडर में अनियमिताएं किए जाने की बातें आई थीं। ये टेंडर 2006 में एक प्राइवेट होटल सुजाता होटल को मिला था। आरोप है कि सुजाता होटल्स के मालिकों इसके बदले लालू यादव परिवार को पटना में तीन एकड़ जमीन दी, जो बेनामी संपत्ति थी। इस मामले में भी लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 11 लोग आरोपी हैं।

इस मामले में कब क्या-क्या हुआ?
आपको बता दें कि सीबीआई ने जुलाई 2017 में लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव समेत 11 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद सीबीआई(CBI) की एक विशेष अदालत ने जुलाई 2018 में लालू प्रसाद और अन्य के खिलाफ दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लिया था। लेकिन आरोप तय करने को लेकर बहस शुरू नहीं हो सकी। इसके बाद फरवरी 2019 में एक आरोपी विनोद कुमार अस्थाना ने चार्जशीट पर संज्ञान लेने के विशेष अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इसके बाद दो अन्य सह-आरोपियों ने भी आवेदन दायर कर दिए।


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