जम्मू कश्मीर: पुंछ के भाटादूड़ियां में आतंकियों की तलाश, सेना ने 10 किमी के इलाके को पूरी तरह घेरा, हाईवे बंद

26 November 2022 05:49 PM
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सेना ने पुंछ के भाटादूड़ियां और नाढ़खास के जंगलों में आतंकियों की तलाश के लिए तीसरे दिन भी तलाशी अभियान चलाया। इस बीच जम्मू-पुंछ हाईवे पर यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।

पुंछ जिले के भाटादूड़ियां और नाढ़खास के जंगलों में आतंकियों और संदिग्धों की तलाश में सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने तीसरे दिन भी तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जम्मू-पुंछ हाईवे को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। करीब दस किलोमीटर के इलाके में सेना गहन छानबीन कर रही है।

इससे पहले शुक्रवार रात पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित भाटादूड़ियां और नाढ़खास के जंगलों में बम धमाके और गोलियों की आवाज गूंजी। जो कई किलोमीटर दूर तक सुनाई देती रही। इस बीच सेना की तरफ से जंगल एवं आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध हरकत पर नजर रखने के लिए रोशनी के गोले भी दागे गए, जिससे पूरा क्षेत्र रोशनी से नहा उठा।

उधर सेना की तरफ से भाटादूड़ियां से तोता गली तक के क्षेत्र में दिन भर तलाशी अभियान चलाया गया। वीरवार को सेना की तरफ से पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित भाटादूड़ियां और नाढ़खास के जंगलों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा था।

इस दौरान दोपहर को जंगल में संदिग्धों, आतंकियों के मौजूद होने की आशंका के चलते एहतियातन गोलाबारी के साथ ही गोलियां बरसाई गईं। उसके बाद वीरवार शाम छह बजे सेना की तरफ से पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बंद करने के साथ ही जंगल में भारी गोलाबारी के साथ राकेट दागने शुरू कर दिए गए।

रात भर सेना की तरफ से रुक-रुक कर जंगल में गोलीबारी जारी रखी गई। वहीं शुक्रवार सुबह आठ बजे एक बार फिर पुुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाया भाटादूड़ियां यातायात बहाल कर दिया गया और दिन भर सेना की तरफ से तलाशी अभियान और जंगल की घेराबंदी जारी रखी गई।

इसमें सैकड़ों जवान तैनात रहे। दिन भर क्षेत्र में खामोशी रहने के बाद अंधेरा होते ही एक बार फिर सेना की तरफ से एहतियातन क्षेत्र में अभियान में तेजी लाते हुए गोलीबारी के साथ राकेट दागने और रोशनी के गोले दागने का क्रम शुरू कर दिया गया।

गौरतलब है कि इस क्षेत्र में गत वर्ष भी इसी प्रकार 22 दिनों तक सुरक्षाबलों द्वारा जंगल की घेराबंदी करने के साथ ही जमकर गोलाबारी की गई थी। इसके चलते 22 दिनों तक पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद रखा गया था।

इसके चलते पुंछ, सुरनकोट एवं मंडी आने जाने वाले लोगों एवं वाहन चालकों को परेशानियों से दो चार होना पड़ा था, क्योंकि उन्हें वाया मेंढर, हरनी गुरसाई के रास्ते जड़ांवाली गली से दोबारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आना पड़ता था।

22 दिनों तक चले उस अभियान में भी कोई भी आतंकी मारा नहीं गया था, जबकि सेना के चार जवान शहीद हुए थे।


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